आशीष अग्रवाल
अलग तेलंगाना का तिलिस्म
आज जिस तेलंगाना राज्य को लेकर आंध्र प्रदेश में आंदोलन चरम पर उसकी शुरूआत 1969 में हुई. इस साल हुए आंदोलन में उस्मानिया विश्वविद्यालय के 350 से अधिक छात्र शहीद हो गये. इस आंदोलन का नेतृत्व एक कांग्रेसी नेता मरिचन्ना रेड्डी ने किया. उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य के लिए जय तेलंगाना का नारा दिया और अलग से तेलंगाना प्रजा समिति की स्थापना की. लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें दोबारा कांग्रेस में शामिल कर लिया और उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया.
मालेगांव से मडगांव तक : आतंक का नया चेहरा
दशकों से इस्लामी आतंकवाद का शिकार रहे भारत मां के जख्म इस बार कुछ ज्यादा गहरे हैं और दर्द भी असहनीय। कारण दीपावली से ऐन पहले गोवा के मडगांव में हुए विस्फोटों ने हिन्दुस्तानी अवाम को आतंक के एक नए चेहरे से रूबरू कराया है। ये नया चेहरा है हिन्दू आतंकवाद का। ...भ्रष्ट पत्रकारों के खिलाफ दिल्ली पुलिस का अभियान, गिरफ्तार हो सकते हैं 70 पत्रकार
दिल्ली स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा दिल्ली के 70 पत्रकारों को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रहा है. एक सब रजिस्ट्रार की गिरफ्तारी के बाद भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने उसके पास से जिन 70 पत्रकारों के बारे में जानकारी जुटाई है उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और घूसखोरी के पक्के सबूत होने के कारण अब इन पत्रकारों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के उपायुक्त आई डी शुक्ला ने इसकी पुष्टि कर दी है....दीपावली पर चुनाव या भाजपा में अंधेरा करने की साजिश?
भाजपा के लिए संकट का दौर जारी है। अपने अंदरूनी कलह और फिर कांग्रेस के हस्तक्षेप से उलझी बीजेपी के लिए अब नई मुसीबत बने है मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला। केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के प्रमुख चावला ने तीन राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए ने जो तिथियां घोषित की हैं वे किसी भी मायने में बीजेपी के लिए शुभ संकेत नहीं दे रही हैं।...ना आना इस देश...लाडो
दिल्ली के लिए यह बेहद खुशगवार कर देने वाली खबर है कि यहां लड़कियों की तादाद पुरुषों के मुकाबले आगे निकल गई है। ताजा आकड़ों में इस साल प्रति हजार लड़कों के जन्म पर लडकियों की जन्मदर 1004 हो गई है। परन्तु अफसोसजनक रूप से दूसरे राज्यों के साथ ऐसा नहीं है। खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और उड़ीसा में हालात बद से बदतर हो रहे हैं।...गुनाह कबूल है, जनाब!
`सर, मुझे मेरा गुनाह कबूल है।´ इस एक लाइन की स्वीकारोक्ति ने मुंबई की भरी अदालत को भौचक्का कर दिया। ये कबूलनामा एक ऐसे शख्स का है जिसने आठ महीने तक जांचकर्ताओं की पूरी टीम के छक्के छुड़ा रखे थे। अपनी बाहियात बातें और बेशर्म अट्टाहासों से आठ महीने तक यही शख्स अदालत का मजाक भी बना रहा था। लेकिन 26/11 के मुंबई हमलों के आरोपी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दीपालपुर तहसील स्थित फरीदकोट के निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने अचानक अपना गुनाह कबूल करते हुए अदालत से अपने लिए सजा की गुजारिश कर डाली। ...बदनाम बस्ती की लाचार बेटियां
देश में कोई 1100 बदनाम बस्तियां हैं जिन्हें रेड लाईट एरिया कहा जाता है. इन बदनाम बस्तियों में 54 लाख बच्चे रहते हैं. इन 54 लाख बच्चों में कोई 60 फीसदी लड़कियां हैं. बदनाम बस्तियों की ये बेटियां होनहार तो हैं लेकिन लाचार हैं. वे पढ़ना चाहती हैं और मुख्यधारा का जीवन जीना चाती हैं. लेकिन परिस्थियां उनके लिए सबसे बड़ी बेड़ी नजर आती है. यहां पैदा होनेवाली बेटियों की मां भी अपनी बेटियों को सम्मान की जिंदगी देना चाहती हैं लेकिन एक सीमा के बाद उनके हाथ भी बंधे नजर आते हैं. इन इलाकों में वेश्यावृत्ति में शामिल महिलाएं न केवल अपने बच्चों को पालना चाहती हैं बल्कि उनको एक बेहतर भविष्य देना चाहती हैं. अपवाद स्वरूप ऐसे उदाहरण भी नजर आते हैं जब बदनाम बस्तियों की बेटियों ने नाम कमाया है लेकिन यह अपवाद ही है. आशीष अग्रवाल की रिपोर्ट-...Author info
