मदरसा और आतंकवाद

मदरसा मतलब विद्यालय। स्कूल। एक ऐसी जगह जहां बच्चों को तालीम दी जाती है। अगर बात इतनी सी हो तो फिर मदरसा इतना खौफनाक शब्द क्योंकर हो गया है? क्यों मदरसे का नाम आते ही इसको आतंकवाद से जोड़ दिया जाता है? यहां ऐसा क्या सिखाया पढ़ाया जाता है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे और … Continue reading मदरसा और आतंकवाद

इस्लाम में सहजीवन का संकट

सच्चा मुसलमान किसी के साथ नहीं रह सकता। सहजीवन उसके डिक्शनरी के बाहर का शब्द है। मुसलमान जैसे तैसे सहजीवन में जीना सीखे भी तो सच्चा इस्लाम उसके रास्ते का रोड़ा बनता है। अचानक से किसी दिन कोई लीडर उनके बीच से निकलता है और कहता है कि गैर मुस्लिमों के साथ रहना गैर इस्लामिक … Continue reading इस्लाम में सहजीवन का संकट

कांग्रेस कल भी शाह बानो के खिलाफ थी, कांग्रेस आज भी शाह बानो के खिलाफ है

अगर नियति ने यही लिख दिया है कि अब बीजेपी अनंतकाल तक देश पर राज करे तो इसे भला कौन रोक सकता है? राज्यसभा में जिस तरह से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम मर्दों का बचाव कर रही है क्या उसे देश नहीं देख रहा होगा? क्या वो मुस्लिम महिलाएं … Continue reading कांग्रेस कल भी शाह बानो के खिलाफ थी, कांग्रेस आज भी शाह बानो के खिलाफ है

मराठा दर्प को चुनौती देता भीमा कोरेगांव

पुणे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कही जाती है। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी होने का मतलब है मराठा संस्कृति की राजधानी। महाराष्ट्र में मराठा संस्कृति विशिष्ट हिन्दुत्व विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है जिसने कभी किसी विरोधी से हार नहीं मानी। छत्रपति शिवाजी महाराज या फिर छत्रपति शंभाजी महाराज। मराठा संस्कृति की राज रियासत का यह गौरव … Continue reading मराठा दर्प को चुनौती देता भीमा कोरेगांव

क्या समाज की यह संवेदनहीनता स्वागतयोग्य है?

मुंबई में कमला मिल्स कंपाउंड के एक बीयरबार में आग लगी दर्जनभर से ज्यादा लोग मारे गये। लेकिन न तो फेसबुक के यूजर्स ने नोटिस लिया और न ही ट्वीटर पर इस खबर को लेकर किसी प्रकार का ट्रेन्ड बना। न संवेदना प्रकट की गयी और न ही मरनेवालों के लिए शोकाकुल संदेशों की बाढ़ … Continue reading क्या समाज की यह संवेदनहीनता स्वागतयोग्य है?

ईरान सुलग रहा है, कहीं आग न लग जाए

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान जब यह कहते हैं कि ईरान के कारण सऊदी अरब में कट्टरता बढ़ी तो वह पूरा का पूरा मजाक भी नहीं होता। १९७९ में खोमैनी के उभार का असर पूरी इस्लामिक दुनिया पर हुआ और शिया हो कि सुन्नी महिलाओं के प्रति सख्ती और पाबंदी का नया दौर शुरु … Continue reading ईरान सुलग रहा है, कहीं आग न लग जाए

मुस्लिम महिलाओं के मसीहा मोदी

आधुनिक युग में इस्लाम के इतिहास में ऐसा कोई मसीहा पैदा नहीं हुआ है जिसने एक झटके में मुस्लिम महिलाओं को इतनी बड़ी राहत दे दिया, जितनी भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक और अमानवीय करार दिये जाने के बाद मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के … Continue reading मुस्लिम महिलाओं के मसीहा मोदी