करतारपुर कॉरीडोर से आगे

रेडक्लिप पहली बार भारत आया था एक ऐसे काम के लिए जिससे एक देश में दो देश बनने थे। रेडक्लिफ ने मैप उठाया और लाइन खींच दी। इस तरह भारत पाकिस्तान का जन्म हो गया। किसी को कुछ होश नहीं था कि पाकिस्तान में क्या जा रहा है और भारत क्या पा रहा है। करतारपुर … Continue reading करतारपुर कॉरीडोर से आगे

गाज़ियाबाद से ग़ाज़ीपुर: बदलाव की लिस्ट लम्बी है

बात उस समय की है जब दिल्ली से सटा लोनी एक बड़ा नगर होता था. आज से करीब तीन सौ साल पहले. नगर तक पहुंचने के लिए जो द्वार बनाया गया था उसे कोटद्वार कहते थे. लोनी नगर मुस्लिम आक्रांताओं की मार सहता रहा और लहुलूहान होता रहा. उसी काल में कोटद्वार भी ध्वस्त हुआ … Continue reading गाज़ियाबाद से ग़ाज़ीपुर: बदलाव की लिस्ट लम्बी है

इलाहाबाद से प्रयागराज

शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल सहित कमोबेश समूचा मंत्रिमंडल 'इलाहाबाद' में था लेकिन संभवत: मुख्यमंत्री की यह आखिरी इलाहाबाद यात्रा साबित होगी. इसके बाद सीएम अगली बार जब आयेंगे तो इलाहाबाद की जगह प्रयागराज में पधारेंगे. इलाहाबाद में हुई बैठक में कमोबेश पूरे मंत्रिमंडल ने एक स्वर से कुंभ से पहले इलाहाबाद … Continue reading इलाहाबाद से प्रयागराज

सनातन गांधीवाद

गांधी कुरुपता की हद तक बदसूरत थे। उनमें नायक दिखने जैसा कुछ नहीं था। इकहरा बदन जिसे उनकी प्राकृतिक चिकित्सा ने और दुबला पतला कर दिया था। आवाज भी बहुत आकर्षक न थी। लिखते तो ऐसे थे जैसे कोई नौसिखिया लिखता हो। सीधी, सपाट या फिर गद्य के मानकों पर कहें तो अनगढ़। फिर भी … Continue reading सनातन गांधीवाद

भाजपा के दलित बनाम बसपा के ब्राह्मण

लखनऊ में यूपी पुलिस द्वारा विवेक तिवारी की हत्या के बाद उपजे आक्रोश पर मायावती ने नयी राजनीति का पांसा फेंक दिया है। मायावती ने लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह लगातार सवर्णों खासकर ब्राह्मणों का शोषण कर रही है। केन्द्र की भाजपा सरकार … Continue reading भाजपा के दलित बनाम बसपा के ब्राह्मण

आस्था का फैसला अदालत में क्यों?

केरल के शबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमित देते हुए कहा है कि भक्ति में भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन क्या सचमुत शबरीमाला मंदिर में भेदभाव होता था? जिसे सुप्रीम कोर्ट भेदभाव कह रहा … Continue reading आस्था का फैसला अदालत में क्यों?

जब अल्लाह का नाम भी पाकिस्तान को एक रखने में नाकाम हो जाता है, तब कश्मीर का नारा बुलंद होता है

जब अल्लामा इकबाल ने १९२९ में ब्रिटिश हुकूमत के सामने एक अलग इस्लामिक राज्य की मांग उठाई थी तब उनकी कल्पना में भी नहीं रहा होगा कि अलग राज्य नहीं, इस्लाम के नाम पर अलग राष्ट्र ही बन जाएगा लेकिन उसमें वह कश्मीर ही नहीं होगा जहां वो पैदा हुए थे। जब पाकिस्तान बना तो … Continue reading जब अल्लाह का नाम भी पाकिस्तान को एक रखने में नाकाम हो जाता है, तब कश्मीर का नारा बुलंद होता है