आपका ब्लाग नष्ट कर दें

(घोषणा-यहां मैं जो कुछ लिख रहा हूं वह मेरी जानकारी है जो कि अधूरी भी हो सकती है.)
अगर आप ब्लागर हैं तो अब तक आपको भी पता चल गया होगा कि ब्लागर ने हिन्दी में अवतार ले लिया है. उसकी भाषा श्रृंखला में हिन्दी को देखकर गर्व हो रहा है. काम आंशिक हुआ है लेकिन ब्लागर के इस कदम के बाद ब्लागरों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होगी. अभी तक हिन्दी में लिखने के जो उपकरण मौजूद थे उनको बौना साबित करते हुए ब्लागर ने रोमन से हिन्दी में लिखने की सुविधा देकर बाजी मार ली है. हिन्दी में मुख्यतः जो की-बोर्ड चलते हैं जिसमें उत्तर के लोग ज्यादातर रेमिंगटन प्रयोग करते हैं. ऐसे में वे लोग जब ब्लाग की तरफ आते हैं तो कीबोर्ड और यूनिकोड फाण्ट सपोर्ट बड़ी समस्या होती है. ब्लागर की इस पहल से यह समस्या समाप्त हो जाएगी. अब ऐसे लोगों को बहुत आसानी हो जाएगी जो ब्लाग लिखने के लिए किसी खास कम्प्यूटर के भरोसे रहते हैं जो कि यूनिकोड फाण्ट सपोर्ट करता हो.
मेरे कई मित्र ब्लाग बनाकर टहल रहे थे. एक तो उन्हें फ्योनिटिक की-बोर्ड नहीं आता और अपना सारा काम रेमिंगटन की बोर्ड पर करते हैं, दूसरे उनके पास अपना कोई कम्प्यूटर नहीं है जिसे वे इस लायक समर्थ बना सकें कि इंटरनेट की हिन्दी पर काम कर सकें. अब रोमन में लिखने से उनकी प्रवृष्टियां हिन्दी में दिखाई देंगी और उन्हें हिन्दी व्याकरण का भी सपोर्ट भी मिलेगा. यह सब करते हुए उन्हें फिर से नये की-बोर्ड को सीखने की जहमत भी नहीं उठानी है वे रेमिंगटन की बोर्ड पर काम करते रहें.
पहली नजर में कुछ कमियां दिख रही हैं. मसलन अभी भी फांट्स की विविधता हमारे लिए दूर की कौड़ी है. ब्लागर पर मदद वाला हिस्सा अभी भी अंग्रेजी में है. ब्लागर ने पूरी कवायद अनुवाद के भरोसे की है. इसलिए जो हिन्दी सामने आयी है वह कई जगह बेतुकी और हास्य का विषय बन गयी है. मसलन डिलीट योर ब्लाग का अनुवाद दिख रहा है- आपका ब्लाग नष्ट कर दें. आपका की जगह अपना होता या फिर ब्लाग समाप्त करें जैसी उक्ति से ज्यादा सटीकता से समझ में आता.
मैं ब्लागर के इस प्रयास की आलोचना नहीं कर रहा हूं. निश्चित ही इसमें आगे सुधार होगा. मैं ब्लागर के इस प्रयास का तहे दिल से स्वागत करता हूं. आप भी जरूर करेंगे.

6 thoughts on “आपका ब्लाग नष्ट कर दें

  1. बढ़िया , मनोरंजक बात बताई आपने.

    वैसे ये बात सही है कि ब्लॉगर में खूबियाँ जोड़ी जाने की गति पकड़ चुकी है. भाषाई समर्थन इनमें से प्रमुख हैं.

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  2. बन्धु, अभी तो बहुत कुछ सुधार बाकी है। सबसे बड़ी जरूरत है हिन्दी डैटाबेस की समस्याओं को सुधारने की। इसके लिए कूट-निर्धारण की अवधारणा को ही सुधारना पड़ेगा…

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  3. आपको पता होगा गूगिल रीड्र और याहू पैप्स (जो मै ने एक उदाहरण के तौर पर बनाया है।) दोनओं मिलकर ज्यादा कमाल कर सक्ते हैं। आप ंMalayalam Tag देखेगा तो आप्को पता चलेगा वहाँ हम कितने जोड दी है। मेरा पैप्स देखिये उदाहरण के तौर पर।

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  4. अच्छा है। शुरुआत हुयी तो सुधार भी हो जायेगा!

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  5. हिन्दी में मुख्यतः जो की-बोर्ड चलते हैं जिसमें उत्तर के लोग ज्यादातर रेमिंगटन प्रयोग करते हैं. ऐसे में वे लोग जब ब्लाग की तरफ आते हैं तो कीबोर्ड और यूनिकोड फाण्ट सपोर्ट बड़ी समस्या होती है. ब्लागर की इस पहल से यह समस्या समाप्त हो जाएगी.

    ब्लॉगर की पहल से रेमिंगटन वालों की समस्या कैसे खत्म होगी, ब्लॉगर का टूल भी तो फोनेटिक (ट्रांसलिट्रेशन) आधारित ही है?

    आपके मित्रों के लिए अच्छी खबर है कि अब यूनिकोड में टाइपिंग हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के रेमिंगटन कीबोर्ड उपलब्ध हैं। ऑनलाइन में यूनिनागरी का रेमिंगटन टूल है तथा ऑफलाइन में IndicIME तथा कैफे हिन्दी टाइपिंग टूल् में रेमिंगटन कीबोर्ड शामिल है। यह सब जानकारी टूल्स् के लिंक सहित निम्न पते पर उपलब्ध है:

    http://akshargram.com/sarvagya/index.php/Remington

    मेरे कई मित्र ब्लाग बनाकर टहल रहे थे. एक तो उन्हें फ्योनिटिक की-बोर्ड नहीं आता और अपना सारा काम रेमिंगटन की बोर्ड पर करते हैं, दूसरे उनके पास अपना कोई कम्प्यूटर नहीं है जिसे वे इस लायक समर्थ बना सकें कि इंटरनेट की हिन्दी पर काम कर सकें.

    अगर आपके मित्रों के पास कंप्यूटर नहीं है तो वे यूनिनागरी के रेमिंगटन टूल का प्रयोग कर हिन्दी में लिख कर उसे ब्लॉग पोस्ट में पेस्ट कर सकते हैं।

    http://uninagari.kaulonline.com/remington.htm

    किसी अन्य जानकारी की आवश्यकता हो तो परिचर्चा फोरम में पूछें अथवा मेल करें।

    http://forum.akshargram.com

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  6. श्रीश जी आपका धन्यवाद.
    आपके द्वारा दी गयी जानकारियों को मैं अपने मित्रों तक पुहुंचाऊंगा और खुद भी प्रयोग करूंगा.

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