शुक्र है सुनीता तुम लौट आयी

आज कोई पूछे कि यह सुनीता विलियम्स कौन है, तो हम उसकी मूर्खता पर हंस देगें. अरे तुम सुनीता विलियम्स को नहीं जानते. इसके बाद भी अगर वह यही कहे तो हमारे पास उसे समझाने का कोई आधार नहीं बचेगा. जो सुनीता विलियम्स को नहीं जानता वह इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन क्या जानेगा, उसको क्या पता कि अटलांटिस क्या है, नासा क्या है, और आखिर में वह शायद यही कह दे कि यह सब बकवास मैं कर क्यों रहा हूं? ऐसे लोगों को क्या मालूम मैं टीवी के प्रभाव में आ गया हूं और अचानक ही मैं ऐसी शब्दावली का शिकार हो गया हूं जिसका न हमारे लिए पहले कोई मतलब था और न ही बाद में कोई मतलब रहनेवाला है.
आजतक चैनल पर हिन्दी पत्रकार से एंकर बने एक सज्जन ने सुनीता विलियम्स के किसी रिश्तेदार का फोनो (फोन पर बातचीत करने को टीवी की भाषा में फोनो कहा जाता है) लेते हुए जिस अंग्रेजी का प्रयोग किया उससे लगा कि गलती से अगर किसी नासा वाले ने यह सब देख लिया तो अगली बार किसी भारतीय मूल के व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजने से पहले सौ बार सोचेगा. टीवी वाले दिल खोलकर खबरे दिखाते रहे. एक हिन्दी चैनल पर दाढ़ीवाले एक वैज्ञानिक को आखिर में गुस्सा आ ही गया और उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसी अनहोनी नहीं हो रही है. अंतरिक्ष कार्यक्रमों में शटल आते-जाते रहते हैं. कभी मौसम अच्छा रहता है कभी खराब रहता है. ये आप लोगों ने सुनीता विलियम्स के नाम के कारण इतना हौव्वा किया हुआ है.

तेज-सुस्त, लोकल और राष्ट्रीय सभी तरह के चैनल अपनी यह साबित करने में लगे हुए थे कि कौन कितना बड़ा मूर्ख है. जिस सुनीता विलियम्स की दुहाई दी जा रही थी वे सात सदस्यीय दल की छठी सदस्य हैं. 42 वर्षीय सुनीता अमेरिका में ही पली-बढ़ी और शादी-शुदा अमेरिकी नागरिक हैं. भारत से उनका कुल नाता यही है कि उनके पिता भारतीय हैं और गुजरात से अमेरिका गये हैं, वहीं शादी कर ली और अब वे अमरीकी नागरिक के तौर पर अमरीका में रहते हैं. एक बार सुनीता विलियम्स भारत आयी हैं आज से चार साल पहले. यहां उनको भी समोसे पसंद आये जैसे किसी भी विदेशी को पसंद आते हैं. भारतीय मूल की साबित करने के लिए ये दो बातें टीवी वालों के लिए पर्याप्त थी. इसी भारतीयता का असर है कि 70-75 घंटे टीवी पर सुनीता विलियम्स के नाम की भैरवी गायी गयी.

कहा गया कि तुमको आना ही होगा. सुनीता दीदी वाला रिश्ता भी जोड़ दिया गया. कल्पना चावला प्रकरण से सीख लेते हुए इस बात की भी पूरी तैयारी की गयी थी कि अगर कहीं कुछ गड़बड़ हो तो हम विशेषज्ञ के तौर पर दिखने में पीछे न रह जाएं. एक चैनल तो फोम के गत्ते का अटलांटिस शटल ही बनवा लाया था. ऐसा उसने क्यों किया यह अभी तक समझ में नहीं आ सका है. क्या वह दर्शकों को अटलांटिस के बारे में बताना चाह रहा था या फिर अमरीकावालों को यह बताने की कोशिश कर रहा था कि हमारे यहां ऐसे हुनरमंद लोग हैं जो फोम का अटलांटिस बना सकते हैं, नाहक ही तुम इतना पैसा क्यों बर्बाद करते हो.

इससे एक बात साफ हो गयी कि टीवी चैनल सचमुच बंदरों के हाथ में उस्तरे की तरह है. यह कब कहां कैसे चल जाएगा और किसकी गर्दन उतर जाएगी कुछ कहा नहीं जा सकता. रवीश कुमार जैसे लोग भू-चू चैनल लाने की योजना भले ही बना रहे हों लेकिन यकीन मानिये आज जो चैनल हम देख रहे हैं वे भू-चू चैनल से कहीं पीछे नहीं हैं.

70-75 घंटे में शायद ही किसी चैनल ने यह दिखाया हो कि यह इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन क्या बला है? यहां क्या काम चल रहा है, इसका उपयोग क्या है औऱ भारत के लिए इसका कोई मतलब है या नहीं. बहरहाल अब जबकि सुनीता विलियम्स वापस आ गयी हैं टीवीवालों ने अपने कैमरे दूसरी तरफ घुमा लिया है. उनका उस्तरा फिर कहीं चलेगा, फिर किसी की गर्दन कटेगी और फिर कोई समीक्षा होगी. आप यहां नासा के मिशन एसटीएस 117 के बारे में जानकारी पा सकते हैं. बहरहाल सुनीता के सकुशल लौट आने से हमारे जैसे लाखों लोगों ने चैन की सांस ली होगी. इसलिए नहीं कि हमारी अंतरिक्ष कार्यक्रमों में कोई बहुत दिलचस्पी है, बल्कि इसलिए कि अब टीवी पत्रकारों के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के अधकचरे ज्ञान और अनावश्यक एक ही बात को लंबा खीचने से पैदा हुई खीज से मुक्ति मिल गयी है. सुनीता विलियम्स को सकुशल धरती पर वापस भेजने के लिए भगवान तेरा लाख-लाख शुक्रिया.

One thought on “शुक्र है सुनीता तुम लौट आयी

  1. ये चैनल वाले विसुअल पर चलते हैं,जानकारी इन्हें नही चाहिऐ । आपकी भी जानकारी के लिए सुनीता अब तक २ बार भारत आ चुकी है । ये नीचे वाली पंक्ति नही लिखनी चाहिऐ । कोई भेद्बाव नही हुआ है ये हमारे मॅन का फितूर हैं

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s