मेरी सरकार क्यों गयी- चंद्रशेखर

एक दिन मेरे पास आर के धवन आये. उन्होंने कहा कि राजीव जी आपसे मिलना चाहते हैं. हमारी मुलाकात आरके धवन के घर पर हुई. उन्होंने मुझसे कहा कि देश की हालत बहुत खराब है, ऐसे में कोई सरकार बननी चाहिए. मुझे शब्द तो याद नहीं लेकिन उनके कहने का आशय यही था कि क्या आप सरकार बनाएंगे. मैंने कहा सरकार बनाने का मेरे पास कोई नैतिक आधार नहीं है. उस समय मुझे यह भी नहीं मालूम था कि मेरे साथ कितने सांसद आयेंगे. इस पर उन्होंने मुझसे कहा “आप सरकार बनाइये, मैंने और लोगों से राय कर ली है, आपको ही सरकार बनानी चाहिए.” मैंने उनसे उसी समय कहा था कि अच्छा हो कि कांग्रेस भी सरकार में शामिल हो. अगर बड़े नेताओं को शामिल होने में दिक्कत है तो नौजवानों को शामिल करिए क्योंकि हमारे पास इतने आदमी नहीं होंगे कि सरकार सक्षम ढंग से चल सके. उस समय उन्होंने मुझसे कहा था कि एक-दो महीने में हमारे लोग शामिल हो जाएंगे. उस पहली मुलाकात में ही मैंने साफ कर दिया था कि अगर आपके किसी आदमी ने अड़ंगेबाजी की तो मुझे इस्तीफा देने में देर नहीं लगेगी. राजीव गांधी ने कहा ऐसी स्थिति नहीं आयेगी.

प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद मेरी प्राथमिकताएं वही रहीं जो मेरे राजनीतिक जीवन के प्रारंभ में थीं. अपनी प्राथमिकताएं तय करते हुए मैं इस मानसिक बोझ से नहीं दबा कि सरकार कितने दिन चलेगी. जीवन के बारे में मेरा शुरू से एक दृष्टिकोण रहा है. उसे सरकार पर भी लागू करना होगा. जीवन अपने हाथ में नहीं है. अपने हाथ में है कर्म. जीवन लंबा चल सकता है और कल भी समाप्त हो सकता है. दोनों ही स्थितियों में मैं मानता हूं कि कोई व्यक्ति इतिहास का आखिरी व्यक्ति नहीं है. वही सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता. कांग्रेस के कुछ नेता शायद यह सोचते थे कि वे जैसा चाहेंगे सरकार को वैसा चलाएंगे. मेरा रूख यह था कि उनकी केवल उचित बातें ही मानूंगा. जिसे ठीक नहीं मानता उसे पूरा नहीं कर सकता. नियुक्तियों के मामलें में मुझे जहां गलत लगा मैंने विनम्रता से मना कर दिया, लेकिन ठीक सिफारिश को मैंने मानने में देर भी नहीं की.

मेरी सरकार को गिराने के लिए एक बहाना बनाया गया. वह बहाना था खुफिया पुलिस का. लेकिन यह अकेला कारण नहीं था. एक उद्योगपति के घर खाने पर कलकत्ता गया था. वहीं किसी ने मुझे कहा कि आपकी सरकार में रिश्वत चल रही है. मैंने कहा मैं इसकी जांच कराऊंगा. मैंने जांच कराई तो पता चला कि एक सज्जन हैं जो उद्योगपतियों से पैसा ले रहे हैं. इसके बाद मैंने साफ कर दिया कि अगर कोई ऐसा व्यवहार करता है वह अपनी जिम्मेदारी पर करे. हम इस तरह की बातों को नजरअंदाज नहीं कर सकेंगे. बाद में एक वरिष्ठ व्यक्ति आये और मुझे कहा कि इस तरह के वाकयात मैं भुला दूं. ऐसी और भी कई घटनाएं हुईं जिसके कारण कांग्रेस से दूरी बढ़ती गयी.

राज्यपालों की नियुक्ति के सवाल पर भी मतभेद उभरे. गुजरात में राज्यपाल की नियुक्ति पर कांग्रेस की आपत्ति यह थी कि उनका चुनावी गणित गड़बड़ा जाएगा. वे चाहते थे हितेन्द्र देसाई को राज्यपाल बनाया जाए. इसी तरह अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति के मसले पर विवाद था. कांग्रेस चाहती थी कि मैं रामधन को हटाकर उनके किसी आदमी को इसका अध्यक्ष बना दूं. इसी तरह कैबिनेट सेक्रेटरी बनाने के सवाल पर भी मतभेद हुआ. कांग्रेस जिस नाम पर जोर दे रही थी वह एक औद्योगिक घराने का पैरोकार था और मेरी राय में वह लोगों को साथ लेकर काम करने की योग्यता नहीं रखता था.

जहां तक पुलिस की जासूसी का बहाना था, मेरे मित्रों ने यह नहीं सोचा था कि मैं इस्तीफा दे दूंगा. लोकसभा में मैं जवाब देने के लिए खड़ा हुआ उसी समय मेरे पास देवीलाल आये. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी जी उनसे बात करना चाहते हैं. मैं जाऊं? मैंने उन्हें कहा – जरूर जाईये और अपनी प्राईममिनिस्टरी की बात करके आईयेगा. मेरे दिन इस पद पर पूरे हो गये हैं. लोकसभा में भाषण देने के बाद दफ्तर पहुंचा और इस्तीफा लेकर राष्ट्रपति के पास चला गया. उसी रात मेरे पास प्रस्ताव आया था कि आप दोबारा शपथ ले लीजिए. इस बार आपकी सरकार में कांग्रेस भी शामिल हो जाएगी. मैंने कहा मेरा काम हो गया.

जिन्दगी का कारवां
चंद्रशेखर
राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली

3 thoughts on “मेरी सरकार क्यों गयी- चंद्रशेखर

  1. Chandrashekhar remained a politician till the end. At 80 one expects such stalwarts to be statesman.

    mediavigil.blogspot.com

    Like

  2. शुक्रिया, चंद्रशेखर जी के शब्दों को यहां पेश करने के लिए।

    Like

  3. समझौता न करना ही तो चंद्रशेखर के होने का असली मतलब था। इस महत्वपूर्ण प्रस्तुति के लिए बधाई.

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s