हे मेरे बोगटी सरोज टेलिभिजनवाले

हे मेरे बोगटी सरोज टेलिभिजनवाले. आपके चिट्ठा दुरूपयोग के असाधारण ज्ञान को देखते हुए यह जुर्रत कर रहा हूं कि आप तक अपनी आवाज पहुंचाऊं. अगर मेरी कातरवाणी आपके कानों तक पहुंचे तो कहे पर थोड़ा विचार करियेगा. उन भाई-बांधवों को भी मेरी प्रार्थना से अवगत कराईयेगा जो अचानक सोते से जागते हैं और पांच-सात पोस्टिंग एकसाथ करके फिर सोने चले जाते हैं. आपके इस उत्साह पर पानी फेरने का मेरा कोई इरादा नहीं है, ईश्वर करे, आपका यह उत्साह बल्लियों उछलता रहे. लेकिन उन दीन-हीन चिट्ठाकारों के बारे में भी कुछ सोचिए जो आपके इस उत्साह से पहले पन्ने से असमय ही एग्रीगेटर के पिछवाड़े चले जाते हैं.

हे मेरे बोगटी सरोज, एग्रीगेटरों के पास अभी ऐसी कोई तकनीकि नहीं दिखती जिससे वे एक चिट्ठे की एक ही पोस्टिंग एक दिन में लें. या फिर दो-तीन लेनी हो तो उसका अध्ययन करें कि फलां चिट्ठे की तीन पोस्टिंग एग्रीगेटर के पहले पन्ने पर लेनी है या नहीं. वह तो चरखी की भांति चलता रहता है. इसलिए हम खुद ही इस बारे में सावधान रहें कि हमारी एक या दो से ज्यादा पोस्टिंग एक दिन में फीड एग्रीगेटर पर न आये. दो पोस्टिंग हो भी तो एक निश्चित अंतराल रखें. इससे दूसरे चिट्ठाकारों को ज्यादा देर तक एग्रीगेटर के मुखपृष्ठ पर बने रहने का मौका मिलता है और उसे पाठक मिलते हैं.

मैं जब भी आपके चिट्ठे पर गया मुझे वहां एक लिंक मिला और आपका वह दिव्य वाक्य कि “धारावाहिक नाटक का यह भाग यहाँ से अपने कम्प्युटर पर डाउनलोड किजिए।” वैसे भी टीवी घर में होती है. और जनता घर में ही पर्याप्त रसास्वादन कर लेती है फिर भी आपके प्रयास को हम तहे-दिल से स्वीकार करते हैं. लेकिन आप भी सोचिए बार-बार एक ही साईट का लिंक देने के लिए आप इतनी जहमत क्यों उठाते हैं. अपने चिट्ठे पर एक स्थाई लिंक बना दीजिए, जगत का कल्याण हो जाएगा.

हे मेरे बोगटी सरोज मैं तो आपका खादिम हूं. आपसे विनती कर सकता हूं. निर्णय आपके हाथ में हैं. कहा-सुना माफ.

सादर,
आपका खादिम

8 thoughts on “हे मेरे बोगटी सरोज टेलिभिजनवाले

  1. tiwari ji namashkar maaf kijiyega aapko is lippi me likhna padh raha hai lekin mere paas hindi ka software nahi tha aur aapko feedback diye bina reh nahi saka isliye ye gustakhi kar raha hu , aapke dhamake to main aksar sunta rehta hu lekin jo dhamaka aapne RAjesh ji ke ghar kiya hai gandhiji ke liye weh sarahniy hai ummid hai aapke aur dhamake sunne ko milte rahenge DHANYAWAAD

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  2. संजय जी,आप ने बिल्कुल सही लिखा है।जब एक ही चिटठाकार की चार-पाँच पोस्टे आ जाती हैं। तो कुछ पोस्टे हम पढ नही पाते और वे नारद से नदारद हो जाती है। इस का सभी को ध्यान रखना चाहिए।

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  3. ठीक लिखा है भाई । आपके सूचना पर घ्‍यान देना आवश्‍यक है ।

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  4. बेहद मार्मिक 😉 काश आपकी कातर गुहार उन तक पहुंच सके 🙂

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  5. तार तार झंकृत हुआ जाता है इस विनम्र निवेदन से. आपकी आवाज जरुर पहुँचे, इस हेतु हमारी शुभकामनायें और विनम्रता की इस शैली में बात रखने का साधुवाद.

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  6. हिन्दी टेलिभिजन सग्रह
    all the posting that are made here are illegal downloads if i am not mistaken
    i think this blog should be removed from chitthajagat

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  7. बहुत मार्मिक अपील, उम्मीद है टेलिभिजन वाले ध्यान देंगे। 🙂

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