भारत में अलकायदा

क्या भारत में अलकायदा मौजूद है? अलकायदा के एक अमरीकी सदस्य एडम गैडान ने रविवार को जो टेप जारी किया है उसमें उस व्यक्ति ने अमरीका के साथ-साथ भारत को भी निशाना बनाने की बात की है. ऊपर से गृहराज्यमंत्री चाहे जो बयान दे रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि खुफिया स्तर पर सतर्कता काफी बढ़ा दी गयी है. अलकायदा का नेटवर्क देश के प्रमुख पांच राज्यों में होने की आशंका जाहिर की जा रही है. इनमें सबसे अधिक संवेदनशील राज्य है दक्षिण भारत का कर्नाटक राज्य. सूत्रों की मानें तो देश की आईटी राजधानी बेंगलूर में अलकायदा(al-Qaeda) का सबसे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. लगभग 1000 डाक्टर और इंजिनीयर ऐसे हैं जो अलकायदा के लिए काम करते हैं.

इसका सबसे बड़ा उदाहरण मिला है ग्लासगो एयरपोर्ट(Glasgow Airport) पर हुआ हमला. हमले में शामिल मुख्य आरोपी कफील अहमद बंगलूर का ही है. इस हमले की व्यूहरचना में उसका भाई डाक्टर सबील अहमद भी शामिल था. इनके पिता डाक्टर मकबूल और डाक्टर जाकिया बंगलौर में ही रहते हैं. ये बंगलौर के सबसे सम्मानित डाक्टरों में से एक हैं लेकिन ग्लासगो एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले के प्रयास के बाद बिल्कुल अकेले पड़ गये हैं. थोड़ी छानबीन से यह बात सामने आ जाती है कि अपने लड़कों को जेहादी रूप से गढ़ने में मां-बाप ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. मूलतः नागरहल्ली के निवासी डाक्टर मकबूल 1979 में ईरान गये थे. वहीं उन्होंने पाकिस्तानी मूल की डाक्टर जाकिया से विवाह कर लिया. इसके बाद दोनों सऊदी अरब चले गये. 10 साल सऊदी में रहने के दौरान डाक्टर मकबूल एक डाक्टर से अधिक एक सियासी व्यक्ति के रूप में स्थापित हुए. वे जमायत-ए-इस्लामी के सदस्य थे. कफील और सबील की पैदाईश और परवरिश इसी माहौल में हुई.

अभी दो साल पहले की बात है. बगलौर में उनके घर के सामने जामिया हूजरत टीपू मस्जिद है. वहां रोशनी की गयी तो दोनों भाईयों ने यह कहते हुए इस बात का विरोध किया कि यह गैर-इस्लामिक है. और मां-बाप ने अपने बच्चों से इस विरोध को जायज ठहराया. जांच के दौरान पुलिस को इनके कम्प्यूटरों से जो हार्ड डिस्क मिली है उसमें 12 हजार फाईलें और 5 हजार ई-मेल का रिकार्ड है. इन्हीं फाईलों में अलकायदा और ओसामा बिन लादेन से जुड़ी दुनियाभर की जानकारियां और तकरीरें भी हैं. घर के नौकरों ने बंगलौर पुलिस को पूछताछ में साफ तौर पर बताया है कि बातचीत के दौरान ये दोनों भाई अमरीका के नाम पर उग्र हो जाते थे. जांच चल रही है. ऊपर से भारत सरकार के नुमाइंदे कुछ भी बयान दे रहे हों लेकिन अंदर ही अंदर एक घबराहट फैली हुई है. इन अफवाहों के बाद कि दाऊद इब्राहिम को इसलिए गिरफ्तार कर लिया गया है क्योंकि उसके अलकायदा के साथ रिश्ते हैं, भारत सरकार(govt. of india) की परेशानियां और बढ़ सकती हैं.

हाल में ही एक खबर आयी थी कि भारत में अलकायदा भर्ती कर रहा है. इस भर्ता अभियान को अलजवाहिरी सीधे संचालित कर रहा है. डाक्टरों और आईटी इंजिनीयरों की तलाश जोरों पर है. खबरों को सच मानें तो जवाहिरी इसके लिए एक करोड़ रूपये सालाना वेतन देने के लिए तैयार है. इन खबरों को खुफिया एजंसियां इसलिए भी नहीं नकार सकती क्योंकि इसके संकेत पहले से मिल रहे हैं. मालेगांव (महाराष्ट्र) बम विस्फोट के बाद पुलिस ने मुजाहिद गिलानी नाम के एक आदमी को पकड़ा था. गिलानी ने अबू जुबैद नाम के एक व्यक्ति के हवाले से कहा था कि अलकायदा भारत में भर्ती अभियान चला रहा है. इस काम में पाक खुफिया एजंसी आईएसआई और दाऊद इब्राहिम दोनों अलकायदा की मदद कर रहे हैं. आशंका है कि भारत में लगभग 1000 हजार लोग अलकायदा के लिए काम करते हैं और इसके एवज में उन्हें मोटी तनख्वाह मिलती है. इन हजार लोगों में अधिकांश बंगलौर में रहते हैं और पेशे से आईटी प्रोफेशनल्स तथा डाक्टर हैं.

2 thoughts on “भारत में अलकायदा

  1. भारत मे 1000 (हजार) लोग अलकायदा के लिए काम करते हैं,ये सुन के मैं डर गया हूँ और मेरा डर ये जानने पर भी कतई कम नही हो रहा है कि भारत मे १५.७ लाख लोग पुलिस,अर्धसैनिक बलों,जाँच-अन्वेछ्ण एवं गुप्तचर संस्थानों के लिये काम करते हैं और देश रक्षा बजट में सालाना १७.९ बिलियन अमेरिकी डालर खर्च करता हैं ! मै कहाँ छुपुं…

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