तो आज सुबह का नजारा कुछ और होता

अनूप कारंथ बैंकाक में रहते हैं. भूकंप और अन्य प्राकृतकि आपदाओं के ऊपर काम करते हैं जिसे सरकारी भाषा में डिजास्टर मैनेजमेन्ट कहा जाता है. एक दिन उनसे आनलाईन गपशप हुई थी. उन्होंने चेताया था कि दिल्ली और एनसीआर भूकंप के लिहाज से बहुत संवेदनशील जगह है. आपलोगों को इसके बारे में जागृति फैलानी चाहिए. 31 जुलाई को हुई यह बातचीत परिचयात्मक ही थी इसलिए पूरी बातचीत मैं यहां दे रहा हूं.

Anup: hi sanjay
10:25 PM can you do a small quick help
Please log on to:
http://educatedearth.net/ and vote for GHI
we are lobbying for earthquake safety through the poll
10:29 PM me: ठीक है.
Anup: thanks sanjay
10:30 PM me: आपके बारे में कुछ जान सकता हूं?
Anup: sure
10:31 PM i work for ADPC in bangkok and exclusively work in the field of earthquake safety’
me: इसका मतलब आप हिन्दी समझ-बोल लेते हैं
10:32 PM Anup: oh ho
i stayed in Delhi for all these years
Sanjay, did you work for UNDP at any point of time
10:35 PM me: नहीं. मैं तो पत्रकार हूं और हिन्दी में उन विषयों पर काम करता रहता हूं आमतौर पर जिससे लोग पीछा छुड़ाकर भागते हैं. वही ग्लोबलाईजेशन, पर्यावरण, कंपनीराज यही सब.
10:36 PM Anup: can you put ahead the information on the earthquake risk to delhi
to the people
me: why not. दिल्ली और बंबई पर तो सबसे अधिक खतरा है.
10:37 PM Anup: Delhi is in High Risk Zone (Zone IV) and Mumbai as of date is in Zone III (Medium Risk Zone)
I can send whole set of informationon teh erathuake risk indelhi

10:38 PM i will send a set ofinfo with all references
for the moment pls visist the link:
10:39 PM me: एक डिजास्टर मैनेजमेन्ट काम कर रहा है. उत्तराखण्ड में आये भीषण भूकंप के बाद उसकी स्थापना हुई थी. स्टोरी बनाना हो तो हमें कुछ इस लिहाज से सोचना होगा. या आप बताईये क्या स्टोरी हो सकती है.
10:40 PM Anup: you go through the info which i will send in some days from now. go through that and i will put you across to some serious pople working on the Safety aspects in Delhi (mainly delaing with EQ risk)
then we can go ahead
me: मैं तैयार हूं.
10:41 PM Anup: great
you will get all the necesar support from my end
10:43 PM me: hope i will get your info soon. नमस्ते.
Anup: pls have a quick look at this link. It captures the details of some of the past events in Delhi:
http://asc-india.org/seismi/seis-cdh.htm

इस बातचीत में उन्होंने जो संकेत किया था आज भोर में उसकी झलक मिल गयी. भोर के चार बजकर 45 मिनट पर अचानक दिल्ली कांपने लगी. लगा कि सब कुछ खत्म होने वाला है. कंपन बहुत जोर का नहीं था लेकिन भय पैदा करने के लिए पर्याप्त था. अब तो खबरें आ रही हैं कि दिल्ली और एनसीआर में भूकंप का झटका आया था जो कि रियेक्टर स्केल पर
4.3 आंका गया है.

सोचता हूं इसकी तीव्रता थोड़ी और होती तो आज सुबह दिल्ली का नजारा कुछ और ही होता. पिछले डेढ़ साल में यह दूसरी बार है कि दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं. पिछली बार शाम के चार बजे के आस-पास यह झटका महसूस हुआ था. वह भी इतना ही ताकतवर था. लेकिन सौभाग्य से न पिछली बार कुछ नुकसान हुआ और न इस बार. मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्लीवालों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. अब इस तरह के झटकों की संभावना नहीं है.

मौसम विभाग की विश्वसनीयता नहीं है. उसके पूर्वानुमान अक्सर गलत साबित होते हैं. दिल्ली और मुंबई फाल्ट लाईन पर हैं और यहां कभी भी भीषण भूकंप आ सकता है. फिलहाल समय रहते इसके बारे में सचेत हो जाएं और जो जरूरी उपाय हैं उसको अपना लें तो नुकसान उतना नहीं होगा जितना हो सकता है. प्रकृति के सामने हम सब बौने हैं. वह कब कौन सी अवस्था धारण कर लेगा कुछ कहा नहीं जा सकता. मुझे लगता है दिल्लीवालों को अनूप कारंथ की बात को गंभीरता से लेने की जरूरत है.

फिलहाल तो यह सब लिखने के लिए दिल्ली में रहते हुए भी हम सब सही-सलामत हैं. लेकिन सोचता हूं भोर में आये भूकंप का झटका थोड़ा और तेज होता तो आज सुबह का नजारा कैसा होता?
प्रकृति के सामने मनुष्य कितना बौना और असहाय है.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s