आंसू पोछते उमर शरीफ

उमर शरीफ के बारे में मैं यहां क्यों लिख रहा हूं? सच बताऊं तो मैं भी नहीं जानता. लेकिन उमर शरीफ के प्रति बचपन से मेरे मन में एक आकर्षण है. पहली बार 10-11 साल की उम्र में मैंने उनका एक नाटक वीसीआर पर देखा था-बकरा किश्तों पर. शायद यही वह नाटक था जिसने उमर शरीफ को सबसे अधिक शोहरत दी. उस समय से ही मैं उमर शरीफ के स्टेज शो का मैं प्रशंसक हूं. इस दौर में जबकि कृतिम साधनों से झूठे अभिनय का सहारा लेकर कला को परिभाषित किया जाता है उमर शरीफ स्टेज शो के जरिए ज्यादा जीवंत मनोरंजन को बढ़ावा दे रहे हैं. उनके द्वारा खड़े किये गये कई कलाकार लाफ्टर चैलेंज में आकर काफी नाम कमा चुके हैं. खुद उमर शरीफ भी लाफ्टर चैलेंज में आये थे. वहां उन्होंने अपने बारे में जो कुछ कहा उससे साबित हो गया कि महान लोग बहुत सीधे-सादे तरीके से हमारे बीच में होते हैं इस होश के साथ किः

सफर तो मैने किया था वरना साजो-सामान उसके थे
मैं तो बस राजदार था उसका वरना तो सारे राज उसके थे
वो दरिया में प्यासा बैठा था जबकि समंदर तमाम उसके थे
वो धूप में बैठा है छांव देने को जबकि दरख्त सारे सायादार उसके थे
यूं तो बज़ाहिर लोगों में मैंने रिज्ग बांटा था, लेकिन दरपर्दा सारे हाथ उसके थे
मैंने कमाल बुलंदी पर जाकर सोचा उमर, ये तो सारे कमाल उसके थे.
उमर शरीफ का मूल नाम उमर मोहम्मद उमर है. उनका जन्म 1955 में कराची के लियाकताबाद में हुआ था. बहुत छोटी उम्र में ही वे 1969 में पाकिस्तानी थियेटर से जुड़ गये. धीरे-धीरे उनका स्टेज शो पाकिस्तान में तो खासा लोकप्रिय हुआ ही पड़ोसी देशों से भी उमर शरीफ को स्टेज शो के निमंत्रण आने लगे. उस दौर में संगीत विडियो का नामोनिशान नहीं था उमर शरीफ के स्टेज शो और नाटक ही थे जो विडियो कैसेट के रूप में भी रिकार्डतोड़ स्तर पर बिकते थे. 1985 में आयी बकरा किश्तों पर. यहां से उमर शरीफ ने बुलंदियों का जो सफ़र शुरू किया वह आज तक जारी है.
उमर शरीफ पर एक लेख अंग्रेजी में
उमर शरीफ का एक विडियो

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s