सत्तू पिलाई के, ठुमका लगाई ले

उत्तर प्रदेश और बिहार में सत्तू का प्रयोग आम है। सत्तू भूने हुए चने को पीस कर बनता है । सामान्यतया यह चूर्ण के रूप में रहता है जिसे पानी में घोलकर या अन्य रूपों में खाया अथवा पीया जाता है ।

 

दिल्ली में सत्तू पाना बहुत आसान हो गया है। आपको सुबह ६ बजे से ही जगह जगह सत्तू बेचते लोग दिख सकते हैं।
 
सत्तू के बारे में पहले भी लोग बात कर चुके है। एक बार सुरेश कुमार (मुजफ्फरपुर) जी ने भी बताया था की स्कूलों में भी सत्तू मिड डे मील में दिया जाता है। जगदीश भाटिया जी इसे आईने में वैरी टेस्टी बता चुके है।
 

जनाब सुबह छः बजे से रात ८ बजे तक पटरी पर बैठ सत्तू बैचते हैं।
 
इनके पास चना, जौं, शक्कर, बर्फ से बना सत्तू मात्र 5रू में मिलता है, वैसे आप को गिलास बड़ा लगे तो 3 रू के आधे गुलास का भी विकल्प है।
 
इस पैप्सी कोला के युग में सत्तू पीने वालों की कमी नहीं है। सिर्फ यूपी बिहार मूल के लोग ही नहीं बलकी और भी खूब स्वाद से यहाँ इसे  लपकते नज़र आ जाएँगे। सत्तू बिना कैफीन युक्त देसी ड्रिंक है जो आपको चुस्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ता।
 
 

 

 

 

 

तो इस एनर्जी ड्रिंक को पी कर देखें।

 

 

यहाँ भी झांकें – http://tasveerkiavaaz.blogspot.com

2 thoughts on “सत्तू पिलाई के, ठुमका लगाई ले

  1. वाह विपुल जी हमें नहीं पता था कि आप भी सत्तू के शौकीन हैं।

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  2. विपुल भाई, मजा आ गया , कमाल है.
    धन्यवाद.

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