कम्युनिस्ट गुंडों और एनडीटीवी ने मिलकर बिगाड़ा बीएचयू का माहौल

बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय कैम्पस में छेड़छाड़ का विरोध कर रही लड़कियों पर कल देर शाम लाठी चार्ज करके तितर बितर करने की खबर से सोशल मीडिया सकते में है। लेकिन अब जैसे जैसे दिन चढ़ रहा है नयी हकीकत भी सामने आ रही है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से जुड़ी छात्राएं ही नये नये तथ्य सामने रख रही हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि कुछ बाहरी तत्वों ने लड़कियों के आंदोलन को हाइजैक कर लिया और यहां उपद्रव फैलाया। जिससे निपटने के लिए पुलिस प्रशासन को लाठीचार्ज करनी पड़ी।

फेसबुक पर सक्रिय बीएचयू इनसाइड फैक्ट्स नामक पेज पर दावा किया गया है कि लड़कियों के इस आंदोलन में जेएनयू, डीयू और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वामपंथी छात्र संगठन आइसा और एसएफआई से जुड़े लड़के लड़कियां यहां आये और उन्होंने जानबूझकर माहौल खराब किया। बीएचयू छात्रों द्वारा ही संचालित इस पेज पर हैरानी व्यक्त की गयी है कि आखिर सिंहद्वार पर बैठी छात्राओं के लीडर हर घण्टे क्यों बदल रहे हैं? हमें कुछ समझ नहीं आ रहा है कि क्या हो रहा है? इसी पेज पर यह सवाल भी किया गया है कि जब आंदोलन बीएचयू का है तो फिर यहां इतने अनजान छात्र कहां से नजर आ रहे हैं?

इसी तरह आंदोलन शुरु करनेवाली एकता सिंह अपने फेसबुक वाल पर कल ही चेतावनी दे चुकी थीं कि ”कृपया किसी की बातों में न आयें। सत्याग्रह कम्युनिस्टों की घटिया राजनीति की बलि चढ़ चुका है।” उन्होंने ये भी लिखा कि है “कम्युनिस्टों ने पूरे आंदोलन तो हाईजैक करके अपना आंदोलन बना दिया और हमें ही बाहर कर दिया।” एकता सिंह भी यही लिख रही हैं कि वहां जेएनयू, डीयू और काशी विद्यापीठ से बाहरी लड़के आये और उन्होंने वहां उपद्रव करना शुरु कर दिया।

एक और महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए एकता सिंह लिखती हैं कि “कल जब एनडीटीवी की टीम यहां कवर करने आयी तो उसके पीछे पीछे एक और वैन वहां पहुंची जिसमें से पांच छह लड़कियां उतरकर वहां सत्याग्रह कर रही लड़कियों के बीच जाकर बैठ गयीं। फिर रिपोर्टर ने उन्हीं लड़कियों से बातचीत की और उन्हीं का बाइट लिया। और जैसे ही एनडीटीवी की वैन वहां से जाने लगी वो लड़कियां भी उनके साथ ही वहां से फुर्र हो गयीं।

दिल्ली, इलाहाबाद और बनारस के दूसरे कालेजों से वहां पहुंचे कम्युनिस्ट गुण्डों ने जमकर उपद्रव किया। गाड़ियां जलाई और पूरे माहौल को खराब किया जिसे रोकने के लिए प्रशासन को लाठीचार्ज करना पड़ा। देर रात एक बार अपने फेसबुक वाल पर एकता सिंह लिखती हैं “मुझे हॉस्टल से निकालने की बात की जा रही है। आपकी इस गुण्डागर्दी के लिए मुझे ही जिम्मेदार माना जा रहा है। क्योंकि मैंने वहां लड़कियां इकट्ठा की हमारे मुद्दे के लिए और आपको मौका दिया अपनी राजनीतिक रोटियां सेकनें का। आपकी इस राजनीति का समर्थन तो मैं कत्तई नहीं कर सकती कॉमरेड। आप बड़ी होशियारी से हमारे कंधे पर रखकर अपनी बंदूक चला रहे हैं। शुक्रिया आपका।”

जाहिर है, एक बार फिर कम्युनिस्टों ने छात्र राजनीति के नाम पर खूनी खेल खेलने की कोशिश की लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में ज्यादा देर तक उसकी साजिश छुपी नहीं रह पायी।

One thought on “कम्युनिस्ट गुंडों और एनडीटीवी ने मिलकर बिगाड़ा बीएचयू का माहौल

  1. “Waah re mere banarshi dost”
    बनारस में जब चुनाव होता है,मोदी जी आते है,योगी जी आते है तभी अचानक BHU में लिंग के आधार पर भेदभाव, हॉस्टल में मांस ना मिलना, महिला छात्रवास का गेट 10 बजे तक खोलना, आदि आदि मुद्दे जोर पकड़ लेते है !
    अचानक से BHU के लड़के सभी लड़कियों को छेड़ने लगते है, सलवार-टी शर्ट में हाथ डालने लगते है,ल”Waah re mere banarshi dost”
    बनारस में जब चुनाव होता है,मोदी जी आते है,योगी जी आते है तभी अचानक BHU में लिंग के आधार पर भेदभाव,हॉस्टल में मांस ना मिलना,महिला छात्रवास का गेट 10 बजे तक खोलना, आदि आदि मुद्दे जोर पकड़ लेते है !
    अचानक से BHU के लड़के सभी लड़कियों को छेड़ने लगते है,सलवार-टी शर्ट में हाथ डालने लगते है, लड़कियां बेनाम की चिट्ठी फेसबुक पर पोस्ट करती है ,कुछ विश्वविद्यालय के तथाकथित पेज इसे हवा देते है !
    मौहाल एकदम से राजनीतिक हो जाता है,गेट पर धरना प्रदर्शन कर लोग चेहरा चमकाने में लग जाते है !
    फिर जैसे ही मोदी जी वापस हुए तमाम समस्या में बस्ते में रख देते है संभालकर
    ताकि अगले बार फिर काम आए !!
    समस्या है तो हमेशा होनी चाहिए ना,आंदोलन हो तो फिर 2 दिन का ही क्यो करते हो ??
    बैठे रहो वही जब तक सारी माँग पूरी ना हो जाये, या तो पढ़ लो या तो लड़ लो ,
    पढ़ के निकल जाओगे लोग भूल जाएंगे
    लड़कर सुधार करोगे लोग याद रखेंगे !!
    और किसी के बहकावे में आकर दफ़्ती उठाकर धरना देने मत पहुँच जाईये !!
    मालवीय की बगिया में वामपंथियों का प्रवेश हो चुका है !
    दिल्ली के JNU वाली राजनीति खेल रहे है , घसीटे जायेगे !!

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