धर्म अधर्म

न हिन्दू किसी का धर्म है, न हिन्दी किसी की भाषा

भारत में हिन्दू धर्म किसी का धर्म नहीं है। वैसे ही जैसे हिन्दी भाषा किसी की भाषा नहीं है। हिन्दू और हिन्दू ये पहचान हैं, माध्यम है। धर्म और भाषा नहीं। क्योंकि जो हिन्दू हैं वो खालिस हिन्दू नहीं हैं। उनका अपना कोई न कोई मत संप्रदाय है। ठीक वैसे ही जैसे हिन्दी किसी की… Continue reading न हिन्दू किसी का धर्म है, न हिन्दी किसी की भाषा

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मदरसा और आतंकवाद

मदरसा मतलब विद्यालय। स्कूल। एक ऐसी जगह जहां बच्चों को तालीम दी जाती है। अगर बात इतनी सी हो तो फिर मदरसा इतना खौफनाक शब्द क्योंकर हो गया है? क्यों मदरसे का नाम आते ही इसको आतंकवाद से जोड़ दिया जाता है? यहां ऐसा क्या सिखाया पढ़ाया जाता है कि यहां पढ़ने वाले बच्चे और… Continue reading मदरसा और आतंकवाद

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इस्लाम में सहजीवन का संकट

सच्चा मुसलमान किसी के साथ नहीं रह सकता। सहजीवन उसके डिक्शनरी के बाहर का शब्द है। मुसलमान जैसे तैसे सहजीवन में जीना सीखे भी तो सच्चा इस्लाम उसके रास्ते का रोड़ा बनता है। अचानक से किसी दिन कोई लीडर उनके बीच से निकलता है और कहता है कि गैर मुस्लिमों के साथ रहना गैर इस्लामिक… Continue reading इस्लाम में सहजीवन का संकट

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संप्रदाय में संप्रदाय स्वामी नारायण संप्रदाय

मंगलवार यानी २ नवंबर को पीएम मोदी जिस स्वामीनारायण संप्रदाय की हीरक जयंती में शामिल होने गांधीनगर गये थे, वह संप्रदाय अपने आप में एक तिलिस्म है। दिल्ली के लोग इस संप्रदाय के बारे में इतना जानते हैं कि अब दिल्ली में एक स्वामीनारायण मंदिर या अक्षरधाम मंदिर बन गया है जो धार्मिक महत्व से… Continue reading संप्रदाय में संप्रदाय स्वामी नारायण संप्रदाय

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कुरान पढ़कर हिन्दू धर्म में वापस लौट आयी आथिरा

केरल की आथिरा को बहला फुसलाकर पहले इस्लाम कबूल करवा लिया गया लेकिन जब उसे इस्लाम की तालीम देनी शुरु की गयी तो उसका आजाद मन भयभीत हो गया और वह वापस हिन्दू धर्म में लौट आयी। २३ साल की आथिरा कासरगोड़ की रहनेवाली है। उसका नाम चर्चा में उस वक्त आया जब जुलाई में… Continue reading कुरान पढ़कर हिन्दू धर्म में वापस लौट आयी आथिरा

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लब्बैक या रसूल अल्लाह

पिछले साल दिवाली के मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कराची गये थे। कराची में उन्होंने हिन्दुओं की एक दीवाली मिलन समारोह को संबोधित किया जिसमें उन्होंने कहा था कि "जन्नत और दोजख के फैसले करनेवाले हम कौन होते हैं? यह फैसला तो उस परवरदिगार के हाथ में है।" यह कहकर उन्होंने हिन्दुओं के… Continue reading लब्बैक या रसूल अल्लाह

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बदली विश्व मानसिकता का शिकार हुए रोहिंग्या

पहले तो यह मानिए कि रोहिंग्या मुश्किल में हैं। सचमुच उन पर आपदा आई हुई है। बूढे, बच्चे, औरतें कई कई किलोमीटर पैदल चलकर, नदी पारकर बांग्लादेश पहुंच रहे हैं। न रहने का ठिकाना, न खाने का और न आगे जाने का। वो बस निकल पड़े हैं, कहां पहुंच जाएंगे कुछ पता नहीं। लेकिन उनकी… Continue reading बदली विश्व मानसिकता का शिकार हुए रोहिंग्या