​मोदी और ट्रंप में बुनियादी अंतर

सवाल ये नहीं है कि ये अच्छा है या बुरा। सवाल ये है कि आप अपने बोलने पर कितना टिके रहते हैं। और अगर आपको लगता है कि आप जो बोल रहे हैं उस पर टिके रहना मुश्किल है तो फिर आप वह बोल ही क्यों रहे हैं?  मेरी नजर में ट्रंप और मोदी का … Continue reading ​मोदी और ट्रंप में बुनियादी अंतर

हंस का ध्वंस

सब कुछ देख सुन लेने के बाद यही दो शब्द शेष रह जाते हैं। मुंशी जी ने अपनी प्रिय साहित्यिक पत्रिका का नाम हंस शायद इसीलिए रखा होगा कि हंस के पास ही नीर क्षीर का विवेक होता है। लेकिन 31 जुलाई 2013 को दिल्ली के ऐवाने गालिब सभागार में जो कुछ हुआ वह उसी … Continue reading हंस का ध्वंस