मरने के बाद भी कट्टरपंथियों द्वारा मारी जा रही हैं असमां जहांगीर

कहने के लिए असमा जहांगीर पाकिस्तान की वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता थीं, लेकिन असल में उनका असर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में था। असमा जहांगीर एक समृद्ध पश्तून परिवार में पैदा हुई थीं और उनके पिता मलिक गुलाम जिलानी पाकिस्तान में नौकरशाह थे। जनरल जिया उल हक के दौर में उनके पिता को बहुत परेशान किया … Continue reading मरने के बाद भी कट्टरपंथियों द्वारा मारी जा रही हैं असमां जहांगीर

पकौड़ा इकोनॉमी

हाल में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में रोजगार के सवाल पर कहा कि "अगर कोई आपके चैनल के बाहर पकौड़े बेचता है तो क्या उसे रोजगार नहीं कहा जाएगा?" यहां जब वो यह बात कह रहे थे तो यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि उनकी सरकार के … Continue reading पकौड़ा इकोनॉमी

क्या समाज की यह संवेदनहीनता स्वागतयोग्य है?

मुंबई में कमला मिल्स कंपाउंड के एक बीयरबार में आग लगी दर्जनभर से ज्यादा लोग मारे गये। लेकिन न तो फेसबुक के यूजर्स ने नोटिस लिया और न ही ट्वीटर पर इस खबर को लेकर किसी प्रकार का ट्रेन्ड बना। न संवेदना प्रकट की गयी और न ही मरनेवालों के लिए शोकाकुल संदेशों की बाढ़ … Continue reading क्या समाज की यह संवेदनहीनता स्वागतयोग्य है?

मुस्लिम महिलाओं के मसीहा मोदी

आधुनिक युग में इस्लाम के इतिहास में ऐसा कोई मसीहा पैदा नहीं हुआ है जिसने एक झटके में मुस्लिम महिलाओं को इतनी बड़ी राहत दे दिया, जितनी भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक और अमानवीय करार दिये जाने के बाद मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के … Continue reading मुस्लिम महिलाओं के मसीहा मोदी

शब्दों की चौकीदारी संभव नहीं- अनुपम मिश्र

अनुपम मिश्र पानी और पर्यावरण पर काम करने के लिए जाने जाते थे लेकिन उनकी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के साथ उन्होंने एक ऐसा प्रयोग किया जिसका दूरगामी दृष्टि दिखती है। उन्होंने अपनी किताब पर किसी तरह का कापीराईट नहीं रखा। इस किताब की अब तक एक लाख से अधिक प्रतियां … Continue reading शब्दों की चौकीदारी संभव नहीं- अनुपम मिश्र

बदलती राजनीति को पहचानिए जनाब

एक होते थे डॉ एबी वर्धन। डॉ साहब उत्तर भारत में साम्यवाद के ढहते किले के आखिरी स्तंभ थे। जब उत्तर भारत में बीजेपी का उभार हुआ तो सेकुलर राजनीति की बंदरबांट में बर्धन साहब राजनीतिक रणनीतिकार की भूमिका में पहुंच गये। लेकिन ज्वार इतना जबर्दस्त था कि कोई नीति या रणनीति काम आयी नहीं। … Continue reading बदलती राजनीति को पहचानिए जनाब

पीएमओ के इशारे पर श्री श्री कर रहे हैं राम मंदिर की पहल?

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की राम मंदिर के लिए शुरु की गयी पहल क्या प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर की जा रही है? हिन्दी दैनिक अमर उजाला में छपी खबर को सही मानें तो हां, श्री श्री रविशंकर की राम मंदिर के लिए शुरु की गयी 'आम सहमति' की पहल प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे … Continue reading पीएमओ के इशारे पर श्री श्री कर रहे हैं राम मंदिर की पहल?