बदलती राजनीति को पहचानिए जनाब

एक होते थे डॉ एबी वर्धन। डॉ साहब उत्तर भारत में साम्यवाद के ढहते किले के आखिरी स्तंभ थे। जब उत्तर भारत में बीजेपी का उभार हुआ तो सेकुलर राजनीति की बंदरबांट में बर्धन साहब राजनीतिक रणनीतिकार की भूमिका में पहुंच गये। लेकिन ज्वार इतना जबर्दस्त था कि कोई नीति या रणनीति काम आयी नहीं। … Continue reading बदलती राजनीति को पहचानिए जनाब

पीएमओ के इशारे पर श्री श्री कर रहे हैं राम मंदिर की पहल?

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की राम मंदिर के लिए शुरु की गयी पहल क्या प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर की जा रही है? हिन्दी दैनिक अमर उजाला में छपी खबर को सही मानें तो हां, श्री श्री रविशंकर की राम मंदिर के लिए शुरु की गयी 'आम सहमति' की पहल प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे … Continue reading पीएमओ के इशारे पर श्री श्री कर रहे हैं राम मंदिर की पहल?

हवा में उड़नेवाली ट्रेन

जापान के शहर टोक्यो से नागोया की दूरी ३४६ किलोमीटर है। अगर आप इस दूरी को पैदल पूरा करना चाहें तो ७२ घण्टे का समय चाहिए। सड़क से जाना चाहें तो पांच से छह घण्टे। ट्रेन से जाना चाहें तो डेढ़ घंटे और हवाई जहाज से जाना चाहें तो एक घण्टे का समय लगता है। … Continue reading हवा में उड़नेवाली ट्रेन

भारत के लिए बुलेट ट्रेन कितना जरूरी है?

14 सितंबर को गुजरात में साबरमती से मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन के भूमिपूजन के साथ ही एक सवाल खड़ा किया जाने लगा है कि जहां रेलवे की दशा ठीक नहीं है वहां एक लाख करोड़ खर्च करके पांच सौ किलोमीटर के लिए बुलेट ट्रेन बनाने का क्या तुक है? यह सवाल ज्यादातर वो … Continue reading भारत के लिए बुलेट ट्रेन कितना जरूरी है?

बुलेट ट्रेन के बहाने हुई मोदी फड़नवीस में गुजराती मराठी की जंग

गुजरात और महाराष्ट्र की ऐतिहासिक लड़ाई एक बार फिर उभर आयी है। इस बार मुद्दा भले ही बुलेट ट्रेन को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दी जानेवाली जमीन हो लेकिन यह सिर्फ हाथी के दिखानेवाले दांत हैं। असल मुद्दा कुछ और है जिसके कारण मोदी और फणनवीस के बीच लंबी खींचतान के बाद आखिरकार बुलेट ट्रेन के … Continue reading बुलेट ट्रेन के बहाने हुई मोदी फड़नवीस में गुजराती मराठी की जंग

पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेलवे का कायाकल्प

देश में रेलवे आने के दस साल बाद ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेलवे पहुंच गयी थी। 1862 में ब्रिटिश सरकार ने कलकत्ता से बनारस तक रेलवे लाइन बिछाई थी। इसके बाद एक अलग अवध रुहेलखण्ड रेलवे कंपनी का निर्माण किया गया और उस कंपनी ने 1882 में बनारस से लखनऊ के बीच रेलवे लाइन … Continue reading पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेलवे का कायाकल्प

काला धन कहां गया?

दिल्ली मेट्रो की हैरिटेज लाइन का ट्रायल रन अगस्त २०१६ से शुरु हो गया था। मेट्रो की समयसीमा के मुताबिक पांच किलोमीटर लंबी इस लाइन को दिसंबर २०१६ में जनता के लिए शुरु होना था लेकिन तभी नवंबर में देश में नोटबंदी की घोषणा हो गयी। दिल्ली मेट्रो के एमडी ने घोषणा किया कि मेट्रो … Continue reading काला धन कहां गया?