पत्रकार या स्टेनोग्राफर

हमारे बिजनेस अखबार आयातित बुद्धि के प्रभाव में कंपनियों को रिपोर्ट करते समय निवेश पत्रकारिता का रूख अपनाते हैं. अखबारों और चैनलों में बिजनेस रिपोर्टिंग में हर रोज ऐसी खबरें होती हैं कि यह कंपनी यहां इतना निवेश करेगी. वह कंपनी वहां उतना निवेश करेगी. लेकिन कभी आपने यह भी सुना कि उस निवेश की … Continue reading पत्रकार या स्टेनोग्राफर

ग्रोथ उग्रवाद

उग्रवाद के दो प्रकार हैं. आजकल हम जिसे उग्रवाद समझ रहे हैं वह प्रतिक्रिया में पैदा हुआ है. लेकिन असली उग्रवाद वह है जो प्रतिक्रिया के लिए प्रेरित करता है. इस उग्रवाद को पिछले 200-300 सालों से व्यापार कहा जाने लगा है. आजकल पूरे भूमंडल पर इसी उग्रवाद का बोलबाला है.इन ग्रोथ उग्रवादियों का अपना … Continue reading ग्रोथ उग्रवाद

आईआईएम और आईआईटी ने भारत को बर्बाद किया है

मैं नहीं जानता यह कौन सज्जन हैं जिन्होंने मेरे पिछले पोस्ट पर ऐतराज जाहिर किया है और कहा है कि "It is really unfortunate to see that you are accusing IIT and IIMs. which on India feels proud." वे मेरा ब्लाग पढ़ते हैं और मेरा ऐसा कहना उन्हें बुरा लगा है लेकिन अब मैं जो … Continue reading आईआईएम और आईआईटी ने भारत को बर्बाद किया है

दरिद्र और नकलची होकर भी हम "इलिट" की तरह क्यों व्यवहार करते हैं?

मैं अक्सर कंपनियों के खिलाफ लिखता और बोलता हूं. यह कोई भावावेग नहीं है, मैं पिछले दस सालों से कंपनियों के काम-काज के तरीकों को ही जानने समझने में लगा हूं. और जितना मैं इसको जानता गया मुझे लगने लगा कि भारत नयी तरह की मानसिक गुलामी का शिकार होता जा रहा है. यह नयी … Continue reading दरिद्र और नकलची होकर भी हम "इलिट" की तरह क्यों व्यवहार करते हैं?

दातुन करना पिछड़ापन है तो ब्रश करना?

सालभर पहले की बात है. कोलगेट-पामोलिव कंपनी के आला अधिकारी तमिलनाडु के एक गांव का दौरा करने गये थे. यह उस सर्वेक्षण का हिस्सा था जिसमें इस बात की जांच चल रही थी कि कंपनी के कोलगेट ब्राण्ड का देश में कितना प्रभाव हुआ है. गांव में कई बुजुर्गों के दांतों की जांच की गयी. … Continue reading दातुन करना पिछड़ापन है तो ब्रश करना?

स्वाभिमानी समाज की शब्दावली में कर्ज शब्द नहीं होता

मध्य प्रदेश का बड़वानी जिला अपने प्रसिद्ध जैन तीर्थ के लिए जाना जाता है. इसी बड़वानी जिले में मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर एक छोटा सा गांव है अजंदी. कुल 100 परिवारों का गांव हैं. पाटीदार समाज के लोगों की बहुलता है. भारत के भूमण्डलीकण के 15 सालों की उपलब्धि की चर्चा हम लोग करते … Continue reading स्वाभिमानी समाज की शब्दावली में कर्ज शब्द नहीं होता

विशेषज्ञ का मतलब होता है कुएं का मेंढ़क

जिस दबड़े(Cabin) में बैठकर मैं काम करता हूं वहां एक वाक्य लिख रखा है- "जो अपने मुताबिक जीवन जी रहा है, वही सफल है." सफलता नापने का यह मेरा अपना पैमाना है. क्योंकि मैं आपकी नजर में सफल नहीं होना चाहता. मैं अपनी नजर में सफल होना चाहता हूं. अपनी नजर में ऊंचा उठना चाहता … Continue reading विशेषज्ञ का मतलब होता है कुएं का मेंढ़क